Saturday, October 5, 2024

Dream Girl Mrs international 2024

                   Dream girl Mrs international 

जब मेरे एक खास मित्र ने मुझे चार महीने पहले बोला था मुझे सहयोग कीजिए मुझे जीवन में फिर से संघर्ष करना है खड़े होना है । यह बात उन्होने अन्य मित्रों को भी बोली। 

परिस्थितियां कैसी भी हो संकट कैसा भी हो यदि दोस्त ठान ले तो दोस्त का बेड़ा पार हो ही जाता है और उसी का फल है कि गोआ में हमने सफलता पूर्वक Dream Girl Mrs international contest सम्पन्न कर लिया। 


Task कठिन था लेकिन कारवां बनता गया सफालता मिलती चली गई। यकीन मानिए जब सपना देख लिया Dream Girl Mrs international contest का तो पूरा करना था और ठसक के साथ करना था।

हमने सिरे जोड़ना शुरू किए । निश्चित हुआ सबसे पहले celebrities को बतौर जज जोड़ा जाएं जो सर्वश्रेष्ठ Mrs International का चुनाव कर सके।

यहां मेरा काम शुरू होता है प्रश्न था किससे request की जाएं । अब चूंकि contest का venue Goa था तो मेरे दिमाग में सबसे पहला नाम गोवा और देश की प्रसिद्ध गायिका हेमा सरदेसाई का आया। 

हेमा जी के गाने याद है आपको जानम समझा करो, आवारा भवरे जो होले होले गाए, मैं कुड़ी अनजानी हूं अहा, चक डे इंडिया का बादल पे पांव है 

मैंने सोचा यदि हेमा जी मान गई इसका मतलब ईश्वर हमारे साथ है। हेमा जी से गाहे बगाहे बात होती रहती है तो बात करने का संकोच नही था। मैंने उनकी कुछ चर्चित एल्बम का PR किया था । गोवा प्रवास के दौरान भी बातचीत होती रहती थी।

मैंने हेमा जी को एक msg किया कि इस तरह का पहला event है details भेजी और लिखा गोवा में event है तो आपकी मदद तो सबसे पहले चाहिए । उनका फोन ही आ गया पूछा क्या करना है मैंने कहा आप जजों की महागुरू बनेगी और उन्होने कहा आपके लिए हां है। 

उसके बाद मिस इंडिया 2021 मान्या सिंह को और मित्र हेमन्त पाण्डेय जी को msg किया अधिकार से कि आपको आना ही है आप जज की भूमिका में है। दोनो ने कहा date भेजिए।

अन्तिम जज फैशन जगत के पितामह जवाहर लाल ने request स्वीकार की। 

जज हो गए तो उनके फोटो के सहारे promotion शुरू हुआ तो धीरे धीरे महिलाओ की रुचि बढ़ी। समस्या यह है कि हमारे यहां इतने इस तरह के competition होने लगे है कि लोगो का भरोसा ही नहीं रहा। इस सबके बावजूद हमने फाइनल राउंड के लिय 20 महिलाओं का चुनाव किया जिसका फाइनल राउंड गोआ में रखा गया। 

अब समस्या थी western style कपड़ो की तो दिल्ली की डिजाइनर तात्विका की मयूरी आगे आई और सभी 20 participants के कपड़े sponsor किए। 

दूसरे राउंड के लिय भारतीय पारम्परिक परिधान चाहिए थे मुझे अपने जम्मू के डिजाइनर मित्र रिक्की रोशन की याद आई उनसे बात हुई लेकिन वो अपने पुश्तैनी काम में व्यस्त थे समय कम था ।

ऐसे में फाइनल राउंड से पांच छह दिन पहले मुझे अपनी पुरानी साथी जानवी की याद आई उनसे request की। वो लाजपत नगर में अपना बुटीक चलाती है प्रकाश टैक्सटाइल नाम से, आनन फानन में उन्होने 30 ड्रेस तैयार करके दे दी।

उधर शुरू से ही हिमांशु और पवन अपनी टीम के साथ प्रचार प्रसार में लगे थे। सारे खुबसुरत डिजीटल डिजाइन उनकी ही team ने बनाए थे। ज्योतिष गुरु नीरज शर्मा के सहयोग के बिना यह show होना सम्भव नही था आर्थिक सहयोग उन्होने ही किया था ।

घनश्याम भाई पटेल, आनन्द अग्रवाल,अजय सूद,अमित छेड़ा, निखिल सावंत के सहयोग के बिना यह event होना सरल नहीं था।अनिरुद्ध बनर्जी जो एंडी दादा नाम से प्रसिद्ध हैं ने आई फोन विजेता को दिया,

Show के कोरियोग्राफर कुलदीप ने अपनी टीम मॉडल मिली और प्रियंका के साथ सभी महिलाओं को दो दिन में नृत्य रैंप पर चलने और खुद में विश्वास करना सिखाया। 

महिलाओं की सबसे अधिक भागीदारी छत्तीस गढ़ की महिलाओं की थी और उसका credit जाता है वहां की जे के फाउंडेशन की जया रेड्डी को जिन्होने छत्तीस गढ़ audition को सफलता पूर्वक न सिर्फ़ सम्पन्न किया बल्कि 10 महिलाओं की भागेदारी कराई 

छत्तीस गढ़ के ही प्रियांक सोनी का जिक्र करना जरूरी है जिन्होने अपने अथक परिश्रम से dreamgirl international को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई।

सारी एयर टिकट और ट्रैवल में सहयोग हैदराबाद के दीपक जैन का रहा कितनी ही बार एयर टिकट में बदलाव सबसे बेहतर सुविधा event में सहयोग उनका रहा।

तीन चार दिन पहले फिर फोन आ गया टीम का भाई जी event की अच्छी सी वीडियोग्राफी भी तो करानी है मैंने कहा भाई कम से कम दो cinematographer चाहिए होंगे ड्रोन चाहिए होगा कैमरे लाइट हार्ड ड्राइव इस सबकी तो cost लगेगी। 

Request आई भाई करा दीजिए अभी इतनी मदद की है तो मैंने टोका मदद नही सहयोग। मित्र मदद नही सहयोग करते है। 

मैं पहुंच गया अपने मित्र रवि सरीन के पास उन्हे समस्या बताई वो बंदा तो जैसे बैठा ही रहता हो सहयोग करने को। उन्होने तुरन्त मनिका मोहित को बुलाकर बोला जो सामान चाहिए ले जाओ अच्छे से coverage करना। मनिका और मोहित ने शो की वीडियो बहुत शानदार बनाई है । 

तीन दिन पहले गोआ पहुंच कर सबने कमान संभाल ली। तीन venue change किए पता चला एक स्थानीय सहयोगी one stop solution के हैप्पी सिंह ने फाइनल venue होटल कामत डेफोडिल में अपने संबंधों के चलते बहुत वाजिब deal करा दी। 

कामत होटल बुटीक होटल है लेकिन सुविधा पंचतारा जैसी है। सबसे खासियत है इस होटल का खाना। मेरा ऐसा मानना है जो इस होटल का खाना खा लेगा वो गोवा में कहीं और रुकेगा ही नही। मेरे लिए आनन्द की बात थी मु्ख्य शेफ सहित लगभग सारा किचन स्टाफ उत्तराखण्ड का है ।

पहले दिन ही हेमा जी मिलने आ गई बोली कोई और जरूरत हो तो बताएं। उनका इतना पूछना ही उनका बड़प्पन था। इसी शो में करीब 22 वर्षों बाद मित्र संदीप झा से मुलाकात हुई उनकी पत्नी show में हिस्सेदारी कर रही थी। संदीप और हेमन्त पाण्डेय जी की खूब छनी गोवा में।

आने के एक दिन बाद हेमन्त पाण्डेय जी को अपनी पत्नी की याद आने लगी आनन फानन में पुष्पा जी के आने का इंतजाम किया गया। गोवा से मुम्बई बहुत दूर भी नही है।

हमारे event में चार चांद लगाएं okie tv के जितिन मसंद ने। उन्होने सभी सर्वश्रेष्ठ तीन विजेताओं को 65 इंच का टीवी देने की घोषणा की लेकिन winner चार हुए तो उन्हे भी टीवी देना स्वीकार किया । मान्या और हेमन्त पाण्डेय को अपनी कम्पनी के साथ जोड़ा । हेमा जी के सम्मान में 86 इन्च का टीवी gift देने की घोषणा की। 

शो में गायक और host की भूमिका बाखूबी निभाई लकी तरार ने, उनको देख सुनकर गायक मीका की गलतफहमी हो सकती है। 

Grand finale 

तैयारी पूरी हो चुकी थी सभी participants की सांसे बड़ी हुई थी । ढोल नगाड़ों के साथ सभी जजों और विशेष अतिथियों का स्वागत किया गया। 

जज अपनी जगह बैठ गए। फिर शुरू हुआ host लकी द्वारा सभी का introduction और स्वागत किया गया। पहला round भारतीय पारम्परिक परिधानो का था जानवी ने बहुत खुबसुरत ड्रेस डिजाइन की थी । ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ रक्षा छेड़ा ने event में विशेष छाप छोड़ी।

महिलाओं की लिए ज्वैलरी का सहयोग ज़िबानो ब्रांड की ऐश्वर्या ने किया, इस पहले राउंड में रैंप पर अपने जलवे बिखेरने थे फिर दो गानों पर नृत्य करना था ।

अगले राउंड में तात्विक की मयूरी की western style की ड्रेस पहन कर रैम्प पर चलना था आत्म विश्वास का प्रदर्शन करना था। सभी महिलाएं बहुत सधी चाल सधे आत्म विश्वास से भरी हुई थी। 

रिहर्सल राउंड में सबकी पसन्द थी छत्तीस गढ़ की अर्पिता l उनकी चाल एटीट्यूड आत्म विश्वास नृत्य सब कुछ उनके पक्ष में जाता दिख रहा था। छत्तीस गढ़ की ममता भी रिहर्सल राउंड में बेहतरीन थी। 

लकी ने गायिका हेमा सरदेसाई और इस event की जजों की महागुरु को स्टेज पर बुलाया। उन्होने शुरुआत की अपने चर्चित गाने आवरा भंवरे जो होले होले गाएं, इश्क सोना है, जंगल है आधी रात है लगने लगा है डर जैसे गानों से सबका दिल जीत लिया । 

उसके बाद लकी ने दो तीन गाने गाकर अपनी काबिलियत का परिचय दिया। फिर शुरू हुआ महिलाओं का पहला राउंड Indian ethnic dresses का  था जानवी की dresses ने सभी महिलाओं में चार चांद लगा दिए। प्रतियोगियों में मेकअप और हेयर स्टाइल पार्टनर बने गोवा के श्री सलोन।

तभी हैप्पी सिंह के साथ गोवा की रहने वाली खुबसुरत रशियन फोटोग्राफर लारापुश की entry हुई तो सबकी निगाह उनकी तरफ ही थी। शुक्र था वो प्रतियोगी नही थी।

रूकिए एक surprise भी था घोषणा हुई दो खास अतिथि भी रैंप पर चलेंगी एक थी पुष्पा पाण्डेय आप लोग अंदाज़ लगाएं कौन है वो । दूसरी थी पल्लवी सिंह जो अभिनेत्री है राष्ट्रीय शूटर है Miss Teen India रही है ।


लेकिन walk और dance में बाजी मार चुकी थी जयपुर की प्रियंका विजय। प्रियंका के dance ने 50% बाजी तो पहले राउंड में जीत ली थी। 

जजों ने फाइनल राउंड के बाद 9 महिलाओं का चुनाव किया। 9 महिलाओं में से सर्वश्रेष्ठ 3 का चयन होना था। तीन का चयन करने के लिय प्रश्न राउंड होना था लेकिन तभी मिस इंडिया मान्या सिंह ने घोषणा की हमने wild entry के तौर पर एक और प्रतियोगी का चयन किया है । वो प्रतियोगी थी सोनाली झा। 

             दिल्ली की सोनाली झा संयुक्त उपविजेता 2

Q A राउंड के बाद परिणाम की घोषणा की महागुरू हेमा सरदेसाई ने। second runners up विजेता बनी दो प्रतियोगी छत्तीस गढ़ की अर्पिता सिंह और दिल्ली की सोनाली झा, first runner-up बनी  ममता प्रसाद।

       संयुक्त उपविजेता 2  छत्तीसगढ़ की अर्पिता सिंह 

सोनाली का चयन उनके जवाब से हुआ जिसमे उन्होंने कहा हमें अपने बच्चों में बेटो को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है यदि बेटे सुसंस्कृत हो गए तो हमारी बेटियां safe है।

               उप विजेता ममता प्रसाद छत्तीस गढ़ 

                 विजेता प्रियंका विजय जयपुर 

अब इन्तजार था पहली dreamgirl Mrs international विजेता का और हेमा सरदेसाई, मान्या सिंह, हेमन्त पाण्डेय और जवाहर लाल ने विजेता बनाया जयपुर की प्रियंका विजय को। घोषणा होने पर प्रियंका से अधिक खुशी में नाच रहे थे उनके पति । 

हेमा सरदेसाई और मान्या सिंह ने विजेताओं को NFS GEMS ज्वैलर्स द्वारा ख़ास तैयार crown 👑 पहनाए। और विजेता प्रियंका को एक लाख रूपए, 65 इन्च का टीवी, TCAM handmade exclusive gifts देकर सम्मानित किया। उप विजेताओ को 50 हज़ार रूपए टीवी और गिफ्ट दिए गए। 

अब winners कुछ समय बाद लंदन में होने वाली प्रतियोगिता में Mrs international के लिए भागेदारी करेंगी।

और इस तरह हमारा पहला Dreamgirl Mrs international सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। अब हम अपनी अगली सौन्दर्य प्रतियोगिता की तैयारी शुरू कर चूके है। जो संभवतया नेपाल में होगी 

हरीश शर्मा 




Thursday, September 12, 2024

लद्दाख में 14 दिन बातें पहले दिन की

लद्दाख में 14 दिन 

पहला दिन 

लद्दाख पहले भी जा चुका हूं पहली बार 2012 में। तब मेरे पत्रकार मित्र नरविजय यादव ने बताया एक बौद्ध भिक्षु है भीखू संघासेना जो लेह में रहकर महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र को समर्पित है। मुझे लगा ऐसा तो बहुत से संत कर रहे है तब नरविजय ने बताया ये साधारण नही है। 

गुरू जी जैसा होना आसान नही है। फिर बोले यह बौद्ध गुरु चार साल सेना में रहा है । अब मैं चौंका, सेनानी बन गया भिक्षु और भूमिका बन गई एक वृतचित्र बनाने की। प्रश्न था निर्माता कौन किसी भी फिल्म को बनाने का यक्ष प्रश्न, लेकिन दिल से चाह हो तो वाह बन ही जाती है। 

अपनी पहली फीचर फिल्म “2 नाईट इन सोल वैली” के निर्माता चंडीगढ़ के नरेन्द्र सिंह दहल से गुज़ारिश की वो तैयार हो गए और मैंने अपने पहले वृतचित्र “A Soldier becomes a Monk” का निर्देशन किया। अब इसकी बात बाद में अभी 12 वर्ष बाद यानि 2024 में नई डॉक्युमेंट्री शूटिंग की बात करते है । 

20 अगस्त 2024 को गए थे लेह इंडिगो फ्लाइट से हम चार लोग थे मनिका और मोहित मेरी सिनेमेटोग्राफर जोड़ी और मेरे जोड़ीदार थे राकेश भसीन उर्फ नीनू जिनसे मेरी दिल्ली एयरपोर्ट पर 25 साल बाद मुलाकात हुई। वो मेरे पिथौरागढ़ के संघर्षमय समय के परिचित थे। 

मनिका मोहित मेरे 1992 से मित्र रवि सरीन के फिल्म इंस्टीट्यूट के छात्र रहे है मैंने दोनो की प्रतिभा को आर एस एफ आई के कुछ समारोह से जांचा परखा और अपनी इस नई डॉक्यूमेंटरी “सोल्जर मोंक” की शूटिंग करने का मौका दिया। मुझे नए लोगो खासकर महिलाओं को मौका देने में उनको उड़ान भरने देने में खुशी मिलती है। 

मनिका प्रतिभाशाली है उन्होने अपने साथी मोहित के साथ बहुत संयम से वृतचित्र की शूटिंग में अपना हुनूर दिखाया।

मेरे इस वृतचित्र के क्या हरेक के निर्माता हमेशा मेरे मददगार ग्राफिसड्स के चेयरमैन मुकेश गुप्ता और एम डी आलोक गुप्ता  है। पिछले 25 वर्षों से उनका सहयोग मुझे मिल रहा है ।

लद्दाख जा रहे है बहुत बढ़िया बहुत कुछ है वहां देखने को महसूस करने को । पूरा हिमालय वैसे तो देवभूमि ही है लेकिन लद्दाख देवाचन है पूरे लद्दाख में खासकर लेह में बौद्ध स्वरूप बहुत से बौद्ध भिक्षु मिल जाएंगे। बहुत सी अद्भुत मॉनेस्ट्री है।

घूमने फिरने की बात बाद में पहले बात करते है क्या जरूरी है जाने से पहले बेबी जॉनसन और सरसों का तेल नाक के अन्दर और गले पर लगाने के लिए रख लें। वरना नाक सूख जाएगी गला शुष्क हो जायेगा तो सूखी नाक और मुंह से खून के कण आ सकते है। और वो देख कर आप घबरा सकते है। लेकिन कोई चिन्ता की बात नही है नए पर्यटकों के साथ ऐसा होना आम बात है।

गर्मी में भी एक दो सर्दी वाले कपड़े अवश्य रखे। दिन में गर्मी हो तो भी सुबह शाम रात को कभी भी ठंड हो सकती है।

जब लेह लद्दाख पहुंच जाएं तो पहले दिन कुछ न करे । यह सबसे जरूरी नियम है जैसे ही हमारा प्लेन लेह एयरपोर्ट पहुंचता है किसी न किसी को ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है । 

मुझे याद है जब हम 12 साल पहले लेह शूटिंग के लिए पहुंचे थे तब हमारी एक एडिटर को ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए सिलेंडर लगाया गया था तब भी उनकी तबीयत में सुधार नही हुआ और सुबह पहली फ्लाइट से उन्हे मुंबई भेजना पड़ा।

इस बार हम पहुंचे तो एयरपोर्ट से बाहर आने तक सब सही था बाहर आने के बाद मुझे और नीनू यानि राकेश को बीच बीच में सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मनिका को खांसी आ रही थी गला सूख रहा था। मोहित ठीक था । 

मेरा विचार पर्यटकों को डराना नही है बल्कि आगाह करना है । यदि आप वॉक करते है दौड़ते है प्राणायाम करते है व्यायाम करते है नियमता तो आपको दिक्कतें कम आएंगी। लेकिन कुछ न कुछ तो आएंगी ही। 

महाबोधि से यानि गुरु जी ने पदमा को हमे लेने को भेजा था। हम करीब आधे घंटे में महाबोधि ध्यान केन्द्र पहुंच गए। रास्ते में एक नव निर्मित हो रहे भवन को दिखाकर पदमा ने बताया ये लेह का पहला पीवीआर सिनेमा हॉल बन रहा है। हमने एक बात पर संज्ञान लिया सड़क पर सौर ऊर्जा की बहुत सी स्ट्रीट लाइट लगी थी। देखकर अच्छा लगा।

हमें आगाह किया गया आज सिर्फ खाएं पिएं आराम करे कोई काम नही करना। 

मुझे बतौर डायरेक्टर रहने को विशेष कमरा दिया गया और तीनों के कमरों में भी कोई कमी नही थी । पिछले बार की तुलना में इस बार कमरे आधुनिक और सुविधाजनक हो गए है। 

पदमा गुरुजी भीखू संघसेना की नई सचिव है। मिलनसार आधुनिक उन्होने हमें कहा अभी आप लोग लंच कीजिए आराम कीजिए । गुरुजी शाम को मिलेंगे। 

लंच के लिए बड़ा सा हॉल है बाहर भी बैठने की खूब जगह है एक बार में करीब 50/75 लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते है। 12 वर्ष पहले की तुलना में भोजन वाली जगह में विशेष बदलाव यहीं है कि साज सजावट बेहतर हुई है। किसी तरह का कोई प्रदूषण नहीं है। पहले मेहमानों को स्वयं अपने झूठे बर्तन धोने पड़ते थे। अब उस सुविधा से वंचित किया गया है। 

नए स्वागत कक्ष का निर्माण किया गया है जो बहुत सुन्दर है। भोजन और रहन सहन की देखरेख की जिम्मेदारी अनुभवी और देश विदेश में हॉस्पिटल्टी इंडस्ट्री में रह चूके उदय वर्मा के पास है  किचन के पांचों करिंदे शेफ भुवन सहित मोहन, आनन्द, अजय और महिपाल सभी उत्तराखण्ड के है। 

दोपहर भोजन के बाद सबने आराम किया जो सबसे जरुरी था इससे आपका शरीर लद्दाख की आबोहवा में खुद को ढालता है।

शाम को 6 बजे गुरुजी मिलेंगे ऐसा msg पदमा ने हमें दिया।

हम तैयार थे। समयानुसार हम 6 बजे गुरू जी के आश्रय में थे। वहां हमने पहली बार बहुत मीठी खुमानी खाई। गुरू जी की बैठक भी नई बनी है, बैठक में करीब 50 से अधिक छोटी बड़ी महात्मा बौद्ध की खुबसूरत प्रतिमाएं थी। महाबोधि में जो नामचीन अतिथि आए थे उनके साथ गुरुजी के कुछ फोटो थे।

गुरुजी हमेशा की तरह बहुत प्रेम और सरलता से मिले। मेरी टीम से परिचय हुआ। शूटिंग की रूपरेखा पर हमारी विस्तृत चर्चा हुई । दो दिन बाद सिंगापुर से 40 सदस्यीय ग्रुप आना था उसकी भी गहमा गहमी थी। 

             भिक्षु जॉय 12 साल पहले,

गुरुजी के यहां एक युवा साथी को देख मैं चौंका क्योंकि उसे देख मुझे याद आया कि 12 साल पहले मैंने दो बच्चो बौद्ध भिक्षु जिनकी उम्र 8/10 वर्ष रही होगी के साथ शूटिंग की थी और उनमें से एक बच्चा वहीं युवा था जो अब बौद्ध भिक्षु नही है मैंने उसे याद दिलाया तो उसने अपना नाम बताया जिसे याद रखना मेरे लिए आसान नही था तो उसने कहा आप मुझे जॉय बुलाइए।

    बाएं जॉय 12 साल बाद 2024 में,

जॉय ने बताया युवा होने पर बौद्ध भिक्षु या बौद्ध नन को अपने निर्णय पर पुना विचार करने का मौक़ा मिलता है कि हमें भविष्य में बौद्ध भिक्षु या नन बने रहना है या सांसारिक इन्सान बनना है और मैंने दूसरा रास्ता चुना। बौद्ध भिक्षु न रहकर भी मनोस्थिति और क्रियाकलाप वैसे ही होते है। संस्कार तो बचपन से पड़ ही जाते है। 

गुरू जी को मैंने कहा इस बार डॉक्युमेंट्री का शीर्षक “सोल्जर मोंक “ रखा है कवर के लिए मुझे आपके भगवा वस्त्रों पर सेना की cap पहनानी है। गुरू जी ने कहा अब मैं बौद्ध भिक्षु हूं सेना की cap का विचार सही रहेगा। मेरे कहने पर गुरुजी ने हामी भरी बोले जैसा आपको सही लगे।

रात्रि भोज के समय हम केंटीन में पहुंचे। भोजन कर जल्दी ही शुभरात्रि का आगाज हो गया। ठंड हो गई थी लेह लद्दाख में कमरों में पंखे नही होते। और सभी वाहन टैक्सी एसी का इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि पूरा क्षेत्र प्रदूषण रहित है। 

जब हम खाना खाकर कमरों में जा रहे थे तब हमें बेहद खुबसूरत चांद देखने को मिला। कहते है लद्दाख में ऐसा चांद कम ही देखने को मिलता है।

शेष अगले दिन।

हरीश शर्मा